महारैली ने निकाला व्यापारियों का दिवाला,11000 करोड़ का नुकसान,2.5 लाख दुकानें रहीं बंद,सीआईटी बोला- कौन देगा मुआवजा


महारैली ने निकाला व्यापारियों का दिवाला,11000 करोड़ का नुकसान,2.5 लाख दुकानें रहीं बंद,सीआईटी बोला- कौन देगा मुआवजा

मनोज बिसारिया | 02 Nov 2026

 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की एक बड़ी रैली हुई,इस रैली को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे,जिससे रामलीला मैदान के पास के कई बाजारों को बंद करना पड़ा।त्योहारी के सीजन में बाजारों के बंद होने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व में हुई विपक्षी दलों की इस रैली के कारण व्यापारियों,फैक्ट्री मालिकों और दुकानदारों को करीब 11,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।सीटीआई ने पूछा कि आखिर इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

बता दें कि चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई)ने इससे पहले राहुल गांधी को चार बार पत्र लिखा था और रैली को दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की थी।सीटीआई ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को भी पत्र लिखकर व्यापार में घाटे की आशंका जताई और कहा कि त्योहार के सीजन बीतने के बाद इस रैली का आयोजन किया जाए,हालांकि राहुल गांधी ने कहा था कि वह व्यापारियों के साथ हैं और रैली से किसी दुकानदार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

एक दिन में 11000 करोड़ के नुकसान का दावा

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने सोमवार को बताया कि इंडिया ब्लॉक की रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को 11,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।गोयल ने कहा कि रिटेल और थोक व्यापार में 8800  करोड़ रुपए,ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सिस्टम में 1,500 करोड़ रुपए,हॉस्पिटैलिटी, होटल,रेस्टोरेंट और टूरिज्म सेक्टर में 500 करोड़ रुपये और अनौपचारिक क्षेत्र और दिहाड़ी मजदूर में 200 करोड़ का नुकसान हुआ है।

रैली के कारण 2.5 लाख दुकाने बंद

सीटीआई का कहना है कि इंडिया ब्लॉक की रैली के कारण रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में छोटी-बड़ी मिलाकर ढाई लाख से अधिक दुकानें बंद रहीं।कश्मीरी गेट, मोरी गेट,चांदनी चौक,चावड़ी बाजार,खारी बावली,नया बाजार,सदर बाजार,अजमेरी गेट,दरियागंज,पहाड़गंज,कमला मार्केट,जामा मस्जिद,भागीरथ पैलेस,लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार,चांदनी चौक सहित लगभग 3 लाख दुकानें हैं. इनमें से 2.5 लाख दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और 80 फीसदी व्यापार ठप रहा।

व्यापारियों के संगठन का ये दावा

व्यापारियों के संगठन का दावा है कि 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार है,ऐसे में यह पीक सीजन है,बावजूद इसके बाजारों तक ग्राहक नहीं पहुंच सके, इसके अलावा रैली के कारण सबसे बड़ा संकट ट्रांसपोर्ट का रहा,जब रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर दायरे में पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद रहा। इस कारण लोडिंग-अनलोडिंग ठप पड़ गई और माल की आवाजाही भी बंद रही।

कई होटलों और रेस्टोरेंट्स की बुकिंग रद्द

सीटीआई ने बताया कि सेंट्रल दिल्ली के कनॉट प्लेस,करोल बाग,पहाड़गंज,चांदनी चौक,दरियागंज के 2000 से ज्यादा होटल,रेस्टोरेंट,गेस्ट हाउस,ढाबों में बुकिंग कैंसिल हो गई। रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में टूरिस्ट लाल किला, जामा मस्जिद,चांदनी चौक देखने पहुंचते हैं,लेकिन रैली के कारण टूरिस्ट नहीं पहुंचे।सीटीआई ने बताया कि इन बाजारों में काम करने वाले 20 लाख कर्मचारी सीधे इस रैली कारण प्रभावित हुए हैं।महारैली के कारण,जिन दुकानों को बंद करना पड़ा,उस वजह से लोडर,ऑटो-ई-रिक्शा चालक,रेहड़ी-पटरी वाले,पोर्टर,कुली की एक दिन की दिहाड़ी मारी गई।

हम व्यापारी हैं,किसी पार्टी के एजेंट नहीं

व्यापार में हुए घाटे पर व्यापारियों का गुस्सा फूटा है।सीटीआई अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि हमें बीजेपी का एजेंट बताया जा रहा है, 100 बड़ी मार्केट एसोसिएशन ने कांग्रेस से रैली टालने की अपील की थी, ये सब किसी पार्टी के एजेंट नहीं हैं, ये दिल्ली के व्यापारी हैं,हमारा काम व्यापार है, राजनीति नहीं. हम किसी पार्टी के विरोध में नहीं हैं।


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