नई दिल्ली।त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर थम नहीं रहा है।सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 25 प्रतिशत तक सस्ता हो चुका है।मिडिल ईस्ट में तनाव,अमेरिका में बढ़ती महंगाई और क्रूड ऑयल की उछलती कीमतों का असर सीधा सोने पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में आज शुक्रवार को वैश्विक बाजार में फिर कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
इंटरनेशनल मार्केट में फिर धड़ाम हुईं कीमतें
इंटरनेशनल मार्केट (Comex) पर सोने-चांदी के दाम में फिर गिरावट नजर आई।आज शुक्रवार को Comex पर सोना 0.68 प्रतिशत गिरकर 4,004.00 डॉलर प्रति औस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी के दाम 2.07 प्रतिशत तक गिरे और ऐसे में कीमत 51.295 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।
घरेलू बाजार में भी गिरी कीमतें
घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट दर्ज हुई। आज सोना गिरकर करीब रुपए 1.41 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी भी गिरावट के साथ ₹1.87 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करती दिखी।
MCX पर कहां ट्रेड कर रहा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX)पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने में 800 रुपए की गिरावट दर्ज की गई और कीमत ₹1,41,852 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं चांदी की बात करें तो इसमें 2500 रुपए की गिरावट दिखी और कीमत ₹1,87,029 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
कितने सस्ती हुईं धातुएं
बाजार खुलते ही गोल्ड और सिल्वर में फिर गिरावट दिखी। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही धातुओं में लगातार गिरावट का दौर जारी है।ऐसे में 24 कैरेट सोना करीब ₹142,210 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹130,359 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 18 कैरेट गोल्ड ₹106,508 प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड कर रहा है। बुलियन मार्केट में चांदी की कीमत लगभग ₹187,530 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करती दिखी।
रिकॉर्ड हाई से कितनी नीचे आई कीमतें
इस साल 29 जनवरी को भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर गोल्ड ने अपना ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। तब सोने की कीमत 1,93,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर पहुंच गई थी। हालांकि, मौजूदा समय में सोना इस शिखर से काफी नीचे चल रहा है। MCX गोल्ड 1,42,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यह कीमत इसके ऑल-टाइम हाई से करीब 50,000 रुपए यानी 25 प्रतिशत तक कम है। अगर सोने को दोबारा 1.93 लाख रुपए के अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना है, तो मौजूदा कीमतों से लगभग 25 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगानी होगी।