नई दिल्ली।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में बढ़ता निवेश विश्व की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।इसी के चलते इंटरनेशनल मॉनेटरी पॉलिसी (आईएमएफ) ने साल 2026 के लिए ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 3.1 फीसदी कर दिया है,इससे पहले जुलाई में आईएमएफ ने 3 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।आईएमएफ के मुताबिक एआई में बढ़ते निवेश से विश्व की अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।हालांकि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं,इससे ग्रोथ को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
2025 के मुकाबले धीमी रहेगी ग्रोथ
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में विश्व की अर्थव्यवस्था 3.5 फीसदी की दर से बढ़ी थी,इसके मुकाबले 2026 में ग्रोथ कम रहने का अनुमान है।हालांकि अप्रैल में आईएमएफ ने इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर जो अनुमान लगाया था,नया अनुमान उसके करीब है,इससे पता चलता है कि मुश्किल हालात के बावजूद विश्व की अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
2027 के लिए 3.4% बढ़ोतरी का अनुमान
आईएमएफ ने साल 2027 के लिए ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान 3.4 फीसदी पर बरकरार रखा है।यह अनुमान जुलाई में जारी किए गए अनुमान के बराबर है।वहीं अप्रैल के अनुमान से यह 0.2 फीसदी ज्यादा है।एआई में निवेश बढ़ने से कारोबार और टेक्नोलॉजी सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है,लेकिन इस निवेश से होने वाला फायदा उम्मीद से कम रहा, तो अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
मिडिल ईस्ट का तनाव और महंगाई बड़ी चिंता
आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट सिल्वाना टेनरेरो ने चेतावनी दी है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो महंगाई बढ़ सकती है और इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी हो सकती है,इसके अलावा सरकारों की कमजोर फाइनेंशियल स्थिति और खराब मौसम की घटनाएं भी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं।एआई में किए जा रहे निवेश से कितना फायदा होगा,इस पर बनी अनिश्चितता भी चिंता बढ़ा रही है।