बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में तेज बारिश और सरयू नदी के उफान से बाढ़ के हालात गहरा गए हैं।सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटी मीटर ऊपर पहुंच गया है।तराई के 60 गांव बाढ़ और कटान से प्रभावित हो गए हैं।
तहसील नवाबगंज में तीन,फतेहपुर में 38 मिलीमीटर बारिश हुई।जबकि हैदरगढ़,रामनगर और सिरौलीगौसपुर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर सुबह आठ 106.420 मीटर दर्ज किया गया,जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है।नदी में गिरिजा,शारदा और सरयू बैराज से 3,78,800 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। बाढ़ से मदरहा, बल्लीपुर, पर्वतपुर, सुबेदारपुरवा, कोटारी गौरिया, चौसीपुरवा, गायघाट, बतनेरो, कलहंसपुरवा, गोबरहा, सनवा, अकोना, सरसंडा, टेपरा, भैरोकोल, परसावल, गेदरापुर, सराय, सुरजन, लोढ़मऊ, अतरौली, कसमौली, हौसिंगपुर, सिरौलीगौसपुर, करोंनी, कोटदरपुरवा, गोड़ियनपुरवा, पवक्कपुरवा, पुनौली, लोनियनपुरवा, कंगन पुरवा, मज़रे डेमा, सहाइंपुरवा, डेमा, असवा, मुखियनपुरवा, जलालपुर तराई, खेता सराय, सैलाब, बसंतापुर, पांडेय पुरवा, सिकरी, जीवन, अतरसुइया, ककरहा, उमरहरा, चिरा, बेलहरी, बाबा पुरवा, केदारीपुर, बलाईपुर, हेतमापुर, सुंदरनगर का कबापुरवा और कचनापुर-हेतमापुर मार्ग के गांव शामिल हैं।
कचनापुर-हेतमापुर मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन ठप है। बेलहरी, बाबा पुरवा, केदारीपुर, बलाईपुर के सौ परिवार तटबंध पर शरण लिए हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित जनसंख्या - 23865
बाढ़ प्रभावित परिवार - 5450
सुरक्षित स्थान पर भेजे गए - 12 हजार
कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र - 4575.549 हेक्टेयर
कृषि योग्य प्रभावित क्षेत्र - 1505.431 हेक्टेयर
कटान प्रभावित क्षेत्र - 14,431 हेक्टेयर