नई दिल्ली।अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया है।अमेरिका के कहा कि यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा दो अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए जाने के जवाब में की गई।
अमेरिकी सेना ने 3 ईरानी तेल टैंकरों पर किया हमला
अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि उसने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया। दो अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों को मिसाइलों से निशाना बनाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वह ईरान के सीमित और खुले तेल बेड़े को नष्ट करने से पीछे नहीं हटेगी।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक आईआरजीसी ने दो अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था,इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी कच्चे तेल के तीन टैंकरों को निशाना बनाया।
दो टैंकर निष्क्रिय,तीसरा किया गया नष्ट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमलों की जानकारी दी।कमांड के मुताबिक खार्ग द्वीप के पास दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया गया।तीसरे टैंकर को ओमान की खाड़ी में नष्ट कर दिया गया।अमेरिकी सेना ने कहा कि दो तेल टैंकरों को स्थायी रूप से निष्क्रिय किया गया। तीसरा टैंकर खाली था और उसे नष्ट कर दिया गया।
अमेरिकी युद्धपोतों पर कई हमले
अमेरिकी सेना के बयान के मुताबिक एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक विध्वंसक युद्धपोत क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान ईरान की ओर से कई बिना उकसावे वाले हमले किए गए।अमेरिकी सेना ने कहा कि दोनों युद्धपोत इन हमलों से बच गए,इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं दी गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दी चेतावनी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिका अपनी सेनाओं की रक्षा करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और खुले तेल बेड़े को नष्ट किया जा सकता है।अमेरिका ने दावा किया कि जिन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया,वे एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे जो ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड और क्षेत्र में उसके सशस्त्र सहयोगी समूहों को आर्थिक मदद पहुंचाने में मदद करता था।
खार्ग द्वीप के पास टैंकर पर मिसाइल हमला
इससे पहले ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा था कि खार्ग द्वीप से करीब 10 किलोमीटर दूर एक तेल टैंकर पर अमेरिका की चार मिसाइलें दागी गईं।खार्ग द्वीप उस टर्मिनल का स्थान है,जहां से ईरान अपने अधिकांश तेल का निर्यात करता है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के दौरान खार्ग द्वीप को कई बार निशाना बनाया गया है।मार्च में अमेरिका ने वहां सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए थे।