अयोध्या।रामनगरी अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सीईओ)बनाया गया है।वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख और ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जितेंद्र मिश्र मंदिर के प्रशासनिक-वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह फैसला राम मंदिर में चढा़वा चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट को पेशेवर और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए 5500 से अधिक आवेदन मिले थे।तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने जांच के बाद तीन नामों का पैनल सौंपा था,जिसमें से जितेन्द्र मिश्र का चयन हुआ है।
एयर मार्शल का शानदार करियर
बता दें कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं।मिश्र 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) के रूप में कार्य किया।उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की भाटपार रानी थाना क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं।
कमीशन: 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में.
उड़ान अनुभव: 3000 घंटे से अधिक. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं।
शिक्षा: नेशनल डिफेंस अकादमी (पुणे), एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (बैंगलोर), एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (अमेरिका) और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (ब्रिटेन) के पूर्व छात्र।
महत्वपूर्ण पद
डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस)
एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (एएसटीई) के कमांडेंट।
दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग
फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर
चीफ टेस्ट पायलट
जितेन्द्र मिश्र को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया है।हाल ही में मिश्र ने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से बात की थी।मिश्र ने एस-400 सिस्टम से पाकिस्तानी एडब्ल्यूएसीएस को 314 किलोमीटर की दूरी पर मार गिराने की मंजूरी देने का जिक्र किया था।
सीईओ की जिम्मेदारियां
राम मंदिर के सीईओ के रूप में जितेंद्र मिश्र मंदिर के दैनिक प्रशासन,वित्तीय प्रबंधन,सुरक्षा व्यवस्था,श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कानूनी मामलों की देखरेख करेंगे।ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सीईओ ट्रस्ट के अधीन काम करेंगे।भक्तों का विश्वास बनाए रखना मिश्र की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। मिश्र का सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव ट्रस्ट के कामकाज को मजबूत करने में मददगार साबित होगा।