नई दिल्ली।देश के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 5.4 फीसदी रह गई।जून में संशोधित आंकड़ों के मुताबिक यह दर 6 फीसदी थी।गुरुवार को आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आंकड़ों के मुताबिक...
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में लौह अयस्क और बिजली उत्पादन की वृद्धि में तेज गिरावट का असर कुल वृद्धि पर पड़ा। हालांकि रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सुधार और कोयला और सीमेंट उत्पादन में तेजी ने कुछ हद तक इसकी भरपाई की।
नई सीरीज का ये दूसरा आंकड़ा
ये नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ जारी किए गए संशोधित बुनियादी उद्योग सूचकांक का दूसरा आंकड़ा है। नई सीरीज ने पुरानी 2011-12 आधार वर्ष वाली सीरीज की जगह ली है।इसमें लौह अयस्क को शामिल किए जाने के बाद प्रमुख बुनियादी उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।जुलाई में इन प्रमुख उद्योगों का समग्र सूचकांक बढ़कर 121.2 हो गया, जो जून में 120.7 था।
बिजली और लौह अयस्क की रफ्तार पड़ी धीमी
इंडेक्स में 30.9 फीसदी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले महीने के 11.4 फीसदी से घटकर जुलाई में 9 फीसदी रह गई।वहीं नौ क्षेत्रों वाले इस इंडेक्स में 4.9 फीसदी भारांश रखने वाला लौह अयस्क जुलाई में कुल वृद्धि दर में गिरावट की सबसे बड़ी वजह रहा। इसका उत्पादन वृद्धि दर जून के 44.5 फीसदी से घटकर जुलाई में 29.5 फीसदी रह गई। यानी इसमें आधे से ज्यादा की गिरावट आई।
रिफाइनरी उत्पादन में तीन महीने बाद तेजी
आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में नौ में से छह क्षेत्रों में पॉजिटिव वृद्धि दर्ज की गई।इनमें लौह अयस्क,बिजली,सीमेंट,इस्पात, रिफाइनरी उत्पाद और कोयला शामिल हैं।वहीं प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई।खास बात यह रही कि रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि दर में सुधार हुआ और यह लगातार तीन महीने की गिरावट के बाद पॉजिटिव दायरे में आ गई।जुलाई में रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 2.7 फीसदी बढ़ा,जबकि जून में इसमें 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का सूचकांक संचयी रूप से 4.3 फीसदी बढ़ा। एक साल पहले की समान अवधि में इसमें 1.5 फीसदी की वृद्धि हुई थी।