सीजेपी ने किया 20 को संसद मार्च का किया ऐलान,सोनम वांगचुक ने की खास अपील


सीजेपी ने किया 20 को संसद मार्च का किया ऐलान,सोनम वांगचुक ने की खास अपील

मनोज बिसारिया | 09 Jul 2026

 

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि वह 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद तक शांतिपूर्ण मार्च करेगी।यह ऐलान तब हुआ,जब गुरुवार को भारी बारिश के बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी विरोध प्रदर्शन 20वें दिन में प्रवेश कर गया।सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों को विरोध स्थल पर तिरपाल लाने से रोका गया।बता दें कि युवाओं के नेतृत्व वाली सीजेपी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

एक बयान में सीजेपी ने कहा...

गुरुवार सुबह जारी एक बयान में काॅकरोच जनता पार्टी ने कहा कि 20 जुलाई को हमारा संसद मार्च जंतर-मंतर से शुरू होगा,इस मार्च में शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल होंगे,जो 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

सीजेपी ने की है ये अपील

कॉकरोच जनता पार्टी ने देश भर के स्टूडेंट्स,पेरेंट्स और लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की है। सीजेपी ने कहा कि ​​यह मार्च उन स्टूडेंट्स के लिए इंसाफ की मांग करने के लिए है,जिन्होंने कॉम्पिटिटिव एग्जाम में गड़बड़ियां सामने आने के बाद कथित तौर पर अपनी जान दे दी थी।इसके अलावा वे एक ट्रांसपेरेंट और भरोसेमंद एग्जाम सिस्टम की मांग कर रहे हैं और प्रधान के इस्तीफे पर दबाव डाल रहे हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट में वांगचुक ने देश भर के लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की

बुधवार रात को एक सोशल मीडिया पोस्ट में सोनम वांगचुक ने देश भर के लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। इसमें वांगचुक ने कहा कि इस मुद्दे को उठाने के लिए संसद सही फोरम है।वांगचुक ने कहा कि मेरी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए आपके संदेशों का शुक्रिया,लेकिन इससे उन 20 छात्रों को कोई मदद नहीं मिलेगी,जिन्होंने आत्महत्या की,और न ही इससे लद्दाख के पहाड़ों या भारत की नदियों को बचाने में कोई मदद मिलेगी,अगर आप सच में मदद करना चाहते हैं, तो आरामदायक सोफे पर बैठकर संदेश भेजने से कुछ ज्यादा करें. 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर आएं,जब भारतीय संसद का मानसून सत्र शुरू होगा,हम सब मिलकर संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे और अपने माननीय सांसदों से अपील करेंगे कि वे इस मुद्दे को उठाएं और इसका कोई स्थायी समाधान निकालें।

बारिश के बीच तिरपाल पर बहस

काॅकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में दिपके भारी बारिश के बावजूद विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर तिरपाल लगाने से मना करने को लेकर दिल्ली पुलिस के जवानों से बहस करते हुए दिख रहे हैं।वीडियो में दिपके ने एक तरफ वाटरप्रूफ टेंट में बैठे पुलिस वालों के सूखे कपड़ों और दूसरी तरफ बारिश में भीग रहे प्रदर्शनकारियों की हालत की तुलना की और सवाल उठाया कि तिरपाल क्यों नहीं लगाने दिए जा रहे हैं।वीडियो में दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस हमें तिरपाल अंदर नहीं लाने दे रही है,रात भर बारिश हुई है और हमें उन छात्रों को बचाने के लिए इसकी जरूरत है,जो पिछले 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।पिछले तीन दिनों से हम प्रोटेस्ट वाली जगह पर तिरपाल लाने की कोशिश कर रहे हैं।एक अन्य पोस्ट में दिपके ने जंतर-मंतर आने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की छात्रों की मांग का समर्थन करने के लिए शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत और CPI(M) की सीनियर नेता सुभाषिनी अली का शुक्रिया अदा किया।

सीजेपी ने एक बयान में कहा...

काॅकरोच जनता पार्टी ने एक बयान में कहा कि अरविंद सावंत ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि वह मानसून सत्र के दौरान संसद में यह मुद्दा उठाएंगे,जबकि सुभाषिनी अली ने परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों, अभिभावकों और युवाओं के साथ एकजुटता जताई।दोनों नेताओं ने पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली और बार-बार होने वाली नाकामियों के लिए जवाबदेही की मांग का समर्थन किया है।

लगातार घट रहा वांगचुक का वजन

बुधवार को सोनम वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन सात किलोग्राम से ज्यादा कम हो गया है।विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे AISA कार्यकर्ता ऋषिकेश की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सीजेपी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उन छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग कर रही है...

कॉकरोच जनता पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उन छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग कर रही है,जिनकी मौत कथित तौर पर मेडिकल एडमिशन के लिए NEET-UG यानी नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट एग्जाम रद्द होने और दूसरी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की वजह से आत्महत्या से हुई थी। 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों की वजह से रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।


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