नई दिल्ली।होर्मुज स्ट्रेट जलमार्ग पर जहाजों पर नए हमले हुए हैं।नए हमलों के बाद होर्मुज में हलचल बढ़ गई है।सुरक्षा चिंताओं से कम से कम चार तेल और गैस टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौट गए हैं।शिप-ट्रैकिंग डेटा से इसका पता चलता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें भारतीय झंडे वाला वेरी लार्ज क्रूड कैरियर लीला वदीनार भी शामिल है।इसमें कुवैत का 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था।इसने होर्मुज में एंट्री करने के बजाय बुधवार को ओमान के तट से यू-टर्न ले लिया।
इससे पहले दो शिपिंग सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने इराक से कच्चा तेल (क्रूड) लोड करने के लिए बुक किया गया जहाज का चार्टर रद्द कर दिया है।
ऐसे अचानक बदल गया सीन
यह बदलाव तब हुआ जब मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास कतर का लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर और सऊदी झंडे वाला कच्चा तेल टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसी खबरें थीं कि ईरान ने जलमार्ग में जहाजों पर मिसाइलें दागीं। इसके बाद समुद्री अधिकारियों ने वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर गंभीर कर दिया।एनालिटिक्स फर्मों केप्लर और एलएसईजी के डेटा से पता चला है कि एलएनजी टैंकर अल घारिया,दुहेल और अल रुवाइस मंगलवार देर रात अपना रास्ता बदलने से पहले होर्मुज स्ट्रेट की ओर पश्चिम की ओर बढ़ रहे थे।कतरएनर्जी की ओर से संचालित तीनों टैंकर खाली थे।कार्गो लोड करने के लिए कतर की रास लाफान एक्सपोर्ट फैसिलिटी की ओर जा रहे थे।
होर्मुज के रास्ते भारत की एनर्जी सप्लाई
अमेरिका और ईरान में जंग शुरू होने से पहले भारत का लगभग 40 फीसदी कच्चा तेल आयात, 60 फीसदी एलएनजी शिपमेंट और 90 फीसदी एलपीजी आयात होर्मुज से होकर गुजरता था।महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों के कारण लड़ाई भड़कने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है,लेकिन उन्होंने आगे की बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखे।बता दें कि स्ट्रैटेजिक शिपिंग रूट इस संघर्ष में एक संवेदनशील पॉइंट बना हुआ है।इसकी शुरुआत फरवरी के अंत में ईरान पर बड़े पैमाने पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के साथ हुई थी।
जलमार्ग पर कंट्रोल बनाने को लेकर जोर
तेहरान जलमार्ग पर कंट्रोल बनाए रखने पर जोर देता है। तेहरान का कहना है कि वह गुजरने के लिए फीस लेगा। अपने अधिकृत मार्ग से भटकने वाले जहाजों पर हमला करने की धमकी देता है।हाल के दिनों में तेहरान की सेना ने कम से कम तीन जहाजों पर हमला किया है। इसके जवाब में मंगलवार को अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर बड़े हमले किए। उसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए।
तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप से पूछा गया कि क्या सीजफायर अभी भी कायम है तो...
बुधवार को तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन में जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या सीजफायर अभी भी कायम है तो उन्होंने कहा,जहां तक मेरी बात है, यह खत्म हो गया है। ट्रंप ने आगे कहा,उनके साथ बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है। ट्रंप ने कहा कि अगर हमारे बेहतरीन बातचीत करने वाले चाहें तो मैं उन्हें बातचीत जारी रखने दूंगा,लेकिन मुझे इसमें कोई उम्मीद नहीं दिखती,मुझे ये लोग पसंद नहीं हैं।ट्रंप के इन बयानों के तुरंत बाद तेल की कीमतों में पांच फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि कीमतें पहले ही दो हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी थीं।