नई दिल्ली।पिछले साल भारत को डेड इकोनॉमी बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यू-टर्न ले लिया है।ट्रंप ने भारत की 7-8 फीसदी ग्रोथ की मिसाल दी है।ट्रंप ने भारत के आर्थिक प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और कहा है कि देश बहुत अच्छा कर रहा है। बता दें कि यह पिछले साल की ट्रंप की बातों से बिल्कुल अलग है,तब उन्होंने ट्रेड टेंशन के बीच भारत को डेड इकोनॉमी कहा था।
अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले गुरुवार को CNBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने भारत का उदाहरण दिया। ट्रंप ने कहा कि मजबूत आर्थिक विकास से अपने-आप ब्याज दरें नहीं बढ़नी चाहिए।ट्रंप ने कहा कि कुछ देश हैं,जिनमें से एक भारत है,जो बहुत अच्छा कर रहे हैं,उनकी विकास दर 7-8% है।ट्रंप ने भारत की विकास दर की तुलना अमेरिका से की और कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था को भी बहुत तेजी से बढ़ने दिया जाना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप की ताजा प्रतिक्रिया जुलाई 2025 में की गई उनकी बातों से बिल्कुल अलग है।तब ट्रंप ने व्यापार और रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत की कड़ी आलोचना की थी।ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि मुझे परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है,वे चाहें तो अपनी डेड इकोनॉमीज को एक साथ डुबो सकते हैं,मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
डोनाल्ड ट्रंप उस समय अमेरिका में भारतीय आयात पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा भी की थी।भारत पर बहुत ज्यादा टैरिफ बनाए रखने और किसी भी देश की तुलना में सबसे कठिन और आपत्तिजनक गैर-मौद्रिक व्यापार बाधाएं लगाने का आरोप लगाया था।
डोनाल्ड ट्रंप का यह रिएक्शन तब आया था जब भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रहे।इसके चलते वॉशिंगटन ने ऊंचे टैरिफ लगाए। इस कदम को उसने भारत की ओर से रूसी तेल और रक्षा उपकरणों की खरीद से भी जोड़ दिया।
अगस्त 2025 में डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना और बढ़ गई।डेड इकोनॉमी वाली टिप्पणी के कुछ ही समय बाद 6 अगस्त को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसमें रूसी कच्चे तेल की लगातार खरीद के कारण भारत पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया गया।यह कदम कुछ दिन पहले घोषित 25% टैरिफ के अतिरिक्त था। इससे भारतीय सामानों पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50% हो गया था। अतिरिक्त शुल्क आधिकारिक तौर पर 27 अगस्त, 2025 को लागू हुए।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के रुख में यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं।केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि प्रस्तावित समझौते का ढांचा तय हो गया है।हालांकि इसे लागू करना इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत को दूसरे एक्सपोर्ट करने वाले देशों के मुकाबले टैरिफ में क्या फायदा मिलता है।
बता दें कि जून में फ्रांस में G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद बातचीत में तेजी आई।भारत और अमेरिका अब 24 जुलाई को अमेरिका के अस्थायी टैरिफ सिस्टम के खत्म होने से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं।
इस प्रस्तावित समझौते से व्यापार,निवेश और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का बचाव कर ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के रवैये की आलोचना करते हुए भारत का उदाहरण दिया। ट्रंप ने तर्क दिया कि मजबूत आर्थिक विकास वाले देशों को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के जरिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए।ट्रंप ने कहा कि हमारे 4% पर रुकने का कोई कारण नहीं है। हमारी GDP 12% और 13% होनी चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका स्वर्ण युग में है।ट्रंप ने कहा कि पहले से कहीं ज्यादा फैक्टरियां बन रही हैं,रोजगार रिकॉर्ड स्तर पर है,शेयर बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। अमेरिकियों की रिटायरमेंट बचत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था उनके पहले राष्ट्रपति कार्यकाल की तुलना में और भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।ट्रंप ने कहा कि यह बेहतर है, मुझे लगता है कि यह पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ देगी।