पीएम मोदी का व्यापारिक समझौतों को मजबूत करने का नया मेगा प्लान,टूटेगा 40 सालों का रिकॉर्ड


पीएम मोदी का व्यापारिक समझौतों को मजबूत करने का नया मेगा प्लान,टूटेगा 40 सालों का रिकॉर्ड

मनोज बिसारिया | 04 Jul 2026

 

नई दिल्‍ली।भारत का क्षेत्रीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर फोकस बढ़ने वाला है।इसके लिए आसियान के साथ व्यापार समझौतों को अपग्रेड किया जाएगा।ऑस्‍ट्रेलिया के साथ ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी विदेशी दौरों से इसे और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर जाने वाले हैं। अपनी तीन देशों की यात्रा के तहत पीएम 8-9 जुलाई को इंडोनेशिया,10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे।इस यात्रा का एक अहम मकसद इन देशों के साथ भारत के व्‍यापार को बढ़ाना भी होगा।भारत क्षेत्रीय आर्थिक संबंधों को मजबूती देना चाहता है।पीएम के दौरे से इसे रफ्तार मिलेगी।

टूटेगा 40 सालों का रिकॉर्ड

इंडोनेशिया की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया में हिस्‍सा लेंगे।अपनी यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड जाकर पीएम मोदी पिछले 40 सालों में वहां जाने वाले पहले भारतीय पीएम बन जाएंगे।

भारत एग्रीमेंट को अपग्रेड करने पर कर रहा है काम

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि वह ASEAN-भारत गुड्स ट्रेड एग्रीमेंट की समीक्षा और उसे अपग्रेड करने के लिए अपने ASEAN पार्टनर देशों के साथ काम कर रहा है।साथ ही भारत के साथ कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट पर भी बातचीत चल रही है।

पीएम मोदी की इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूलीलैंड यात्रा पर एक खास ब्रीफिंग में मंत्रालय में सेक्रेटरी (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन ने कहा...

पीएम मोदी की इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूलीलैंड यात्रा पर एक खास ब्रीफिंग में मंत्रालय में सेक्रेटरी (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि AITIGA की समीक्षा एक मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) प्रक्रिया है। इसमें सभी ASEAN सदस्य देश शामिल हैं।टंडन ने कहा कि यह एक मल्टीलेटरल एग्रीमेंट है। इसलिए इसमें सभी ASEAN देशों का एक साथ होना जरूरी है। हमने निश्चित रूप से अपने सभी ASEAN पार्टनर देशों के साथ ASEAN-भारत गुड्स ट्रेड एग्रीमेंट को अपग्रेड करने और उसकी समीक्षा करने के महत्व पर चर्चा की है। यह एग्रीमेंट बहुत पुराना है। शायद भारत या ASEAN की अर्थव्यवस्थाओं के मौजूदा स्ट्रक्चर को यह नहीं दिखाता है।
टंडन ने कहा कि मूल एग्रीमेंट में शामिल देशों की ओर से अलग-अलग स्तर पर टैरिफ में छूट देने की व्यवस्था है। चल रही समीक्षा का मकसद व्यापार को और अधिक उदार बनाना है।

लगातार चलने वाली है प्रक्रिया

रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि समीक्षा प्रक्रिया दोनों तरफ ज्‍यादा उदारीकरण लाने की कोशिश करेगी,लेकिन ध्यान रहे यह एक मल्टीलेटरल एग्रीमेंट है। इसलिए इसमें सभी साथ होंगे। टंडन ने कहा कि ASEAN क्षेत्र की सभी अहम अर्थव्यवस्थाओं के साथ हमारी लगातार बातचीत होती रहती है।जाहिर है कि समीक्षा प्रक्रिया को पूरा करने में उनके साथ बातचीत बहुत जरूरी होगी,लेकिन साथ ही हम द्विपक्षीय रूप से भी संबंधों को अपग्रेड करने पर काम कर रहे हैं।यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए इससे ज्‍यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। खासकर तब जब ऐसे एग्रीमेंट पर चर्चा हो रही हो जिसमें एक ही समय में सभी दस देशों के साथ बातचीत करनी हो।

ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत CECA को दे रहा अंतिम रूप

ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार वार्ता पर एक सवाल का जवाब देते हुए जॉइंट सेक्रेटरी (ओशिनिया) विश्वेश नेगी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक संतुलित CECA को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।नेगी ने कहा कि 'जैसा कि आप सभी जानते हैं 2022 में भारत-ऑस्ट्रेलिया ने इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किए थे। अब दोनों पक्षों की कोशिश एक संतुलित,कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की है। इसे कॉमर्स मिनिस्ट्री अंतिम रूप दे रही है। इस पर बातचीत जारी है।नेगी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष एक संतुलित दस्तावेज अपनाएंगे।हमारी टीमें इस पर बारीकी से काम कर रही हैं।हम इस मामले में वाणिज्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।इसलिए हमारे मुख्य वार्ताकारों के बीच बातचीत के अगले दौर जल्द ही होने वाले हैं।


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