गोल्ड प्राइज:सोने में एक बार फिर लौटी चमक,पांच सप्ताह बाद पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर,जानें वजह


गोल्ड प्राइज:सोने में एक बार फिर लौटी चमक,पांच सप्ताह बाद पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर,जानें वजह

मनोज बिसारिया | 03 Jul 2026

 

नई दिल्ली।कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद विश्व भर के बाजारों में सोने की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली है।अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भाव का असर भारत पर भी दिखा है। शुक्रवार सुबह स्पॉट गोल्ड लगभग 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,182.28 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही सोना लगभग 2.3 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है,जो पिछले मई के आखिर के बाद पहली साप्ताहिक तेजी होगी।वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।एमसीएक्स पर भी सोने में बढ़त देखने को मिली और कीमतें 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 1.47 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई।

क्यों आई सोने में रिकवरी

दरअसल अमेरिका में जून के गैर-कृषि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे।जून में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं,जबकि बाजार को 1.15 लाख नौकरियों की उम्मीद थी, इसके बाद निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी से बच सकता है। CME FedWatch के मुताबिक सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 53.5 प्रतिशत रह गई है,जो पहले करीब 65 प्रतिशत थी।कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी की उम्मीद ने भी सोने को सहारा दिया है।

अपने ऊपरी स्तरों से 22 प्रतिशत नीचे सोना

हालांकि इस साल अब तक सोने पर दबाव बना हुआ है।बढ़ती महंगाई,मजबूत डॉलर और केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के कारण सोने ने जून तिमाही में पिछले 13 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन किया।यह अभी भी जनवरी में बने 5,300 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 22 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।

मौजूदा स्तरों से बढ़त का अनुमान

बाजार के जानकार मान रहे हैं कि 2026 की पहली छमाही में सोने पर पड़े दबाव की वजह से सोने को लेकर अनुमान घटें हैं हालांकि अभी भी सोने में मौजूदा स्तरों से बढ़त की उम्मीद है। इस बीच, Goldman Sachs ने जून में जारी अपनी रिपोर्ट में दिसंबर 2026 के लिए सोने का लक्ष्य 5,400 डॉलर से घटाकर 4,900 डॉलर प्रति औंस कर दिया था।यानि अनुमान में कटौती के बाद भी भाव में यहां से 15% से ज्यादा की बढ़त संभव है।बैंक का कहना है कि अमेरिकी फेड द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में अपेक्षा से कम कटौती की संभावना और गोल्ड ETF में निवेश प्रवाह कमजोर रहने से निकट अवधि में सोने पर दबाव बना रह सकता है,हालांकि बैंक का मानना है कि लंबी अवधि में सोने का आउटलुक अब भी सकारात्मक है और यदि वास्तविक बॉन्ड यील्ड तथा डॉलर में नरमी आती है तो दूसरी छमाही में सोने की कीमतों में फिर मजबूती देखने को मिल सकती है।सोने के साथ अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी रही. स्पॉट सिल्वर करीब 2.9 प्रतिशत,प्लैटिनम 2.8 प्रतिशत और पैलेडियम लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।


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