अयोध्या।राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी।प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर से चार बड़े विवाद सामने आ चुके हैं।मामलों में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते रहे,लेकिन किसी भी मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।इस बार चढ़ावा चोरी मामले ने तूल पकड़ लिया है।क्योंकि इसमें सीधा जुड़ाव श्रद्धालुओं से है,इसलिए हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है।जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
प्राण प्रतिष्ठा के कुछ महीने बाद रामलला का मुकुट हुआ था चोरी
प्राण प्रतिष्ठा होने के कुछ महीने बाद रामलला का मुकुट चोरी हो गया था।ट्रस्ट की तरफ से मामला दबाया गया,लेकिन कुछ दिनों बाद वह उजागर हो गया था। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के करीबी के पास से ही मुकुट बरामद हुआ था, जो कारसेवकपुरम में मिला था।यह विवाद खत्म हुआ ही था कि जमीन का विवाद सामने आ गया,जिसमें जमीनों की खरीद में तमाम सवाल उठाए गए थे।हालांकि इसमें कोई खास कार्रवाई नहीं हुई थी।आज भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गूंजता रहता है।वहीं पिछले साल दर्शन पास घोटाला हुआ था। तमाम लोग फर्जी पास बनाकर लोगों को दर्शन करवाते थे।वे श्रद्धालुओं से रकम भी वसूलते थे। यहां तक कि इसमें पुलिसकर्मियों की भी भूमिका उजागर हुई थी। तब इस मामले में कार्रवाई की गई थी।इस व्यवस्था में सुधार करते हुए क्यूआर कोड वाले पास जारी किए जाने लगे। हालांकि अभी भी दर्शन करवाने में कुछ लोग खेल करते हैं, लेकिन उस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाई गई।
चढ़ावा चोरी का मामला आया सामने
यह मामला थमा तो अब चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया।इसमें बड़े पैमाने पर खेल हुआ।मामूली कर्मचारी ही नहीं ट्रस्ट व प्रबंधन के लोग भी सवालों के घेरे में हैं।लगातार एक के बाद एक विवाद होने से ट्रस्ट की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।क्योंकि स्पष्ट है कि व्यवस्थाओं में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह नहीं है। अगर पहले ही मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाती और निगरानी तंत्र बेहतर किया जाता तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगता।उधर कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं, जिससे आशंका है कि निर्माण कार्य के दौरान भी कमीशनखोरी हुई।चहेतों को काम दिया गया। इसका फायदा ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग व उनके करीबियों व रिश्तेदारों ने उठाया।
भाजपा के पास जवाब नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के पास अयोध्या में चढ़ावा चोरी का कोई जवाब नहीं है।अखिलेश ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के चढ़ावा में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है।वहां सीसीटीवी के फुटेज गायब हैं।यह बातें अखिलेश यादव ने प्रदेश मुख्यालय में कन्नौज सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नेताओं,कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहीं।
एसआईटी नहीं,चारों पीठों के शंकराचार्यों की निगरानी में निष्पक्ष कराएं जांच अफजाल
सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चढ़ावे और चंदे में धांधली हुई है। यह भगवान के दरबार में चोरी है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।अफजाल अंसारी ने कथित गड़बड़ियों की तुलना महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर की लूट से की।
अफजाल ने कहा कि इतिहास में मंदिरों की संपत्ति लूटी गई थी,उसी तरह आज भी आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा है। अब चढ़ावे में आई कमी कई सवाल खड़े कर रही है। अफजाल ने कहा कि एसआईटी नहीं, चारों पीठों के शंकराचार्यों की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।