नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में हुए अग्निकांड में 22 लोगों की जान जाने के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं।इस बीच उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक की अध्यक्षता की।इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनिट मंत्री आशीष सूद और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा समेत अन्य शीर्ष अधिकारीभी शामिल हुए।
एलजी ने एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि बैठक में अग्निशमन विभाग को मजबूत करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को भर्ती करने पर विचार करने के लिए कहा गया है।इसके साथ ही बीते हफ्ते बनाई अधिकारियों के टीम को निर्देश दिए कि जो-जो सुधारात्मक कार्रवाई की है उसकी रिपोर्ट समय पर जमा करें।
इन मुद्दों पर भी हुई बात
एलजी ने बताया कि बैठक में भीषण गर्मी को लेकर आपदा प्रबंधन और मानसून की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बारिश के दौरान बाढ़ की स्थिति से निपटने के उपायों पर भी बातचीत की गई।बैठक में अवैध इमारतों,लाइसेंस दुरुपयोग पर सख्ती और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी
जानकारी मुताबिक दिल्ली अग्निशमन विभाग में स्वीकृत अग्निशमन पदों में से एक चौथाई पद खाली पड़े हैं।अग्निशमन विभाग में स्वीकृत 3,312 पदों में से मौजूदा समय में अग्निशमन कर्मचारियों के 853 पद खाली हैं।स्टेशन ऑफिसर के स्वीकृत 90 पदों में से सिर्फ 18 पर ही नियुक्ति है। आखिरी नियुक्ति भी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) द्वारा 2011-12 के दौरान की गई थी।
दिल्ली में लगातार सामने आ रही हैं आग की घटनाएं
बता दें कि राजधानी दिल्ली में लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं।मालवीय नगर में जिस होटल को 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी वहां चार गुना ज्यादा कमरों का संचालन हो रहा था।होटल में फायर सेफ्टी नियमों की भी अनदेखी की बात सामने आई हैं।पुलिस इस मामले में होटल के कुक केशव नेगी और मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार किया है और पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली में पिछले 6 साल में जानें कितनी हुईं मौतें
राजधानी दिल्ली में पिछले 6 साल में आग से जुड़े हादसों में 544 लोगों की मौत हुई है।सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2019 से मार्च 2026 तक आग से संबंधित दुर्घटनाओं में कुल 543 लोगों की मौत हुई है। साल 2026 में ही अबतक कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है।