नई दिल्ली।देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और जून के लिए भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है।आईएमडी का ये आंकड़े काफी चिंताजनक हैं।इसके अनुसार इस बार मानसून के महीने यानी अगले चार महीने आग बरसाने वाले होंगे।
इस बार जहां मानसून कमजोर रहेगा वहीं जून से सितंबर के महीने में लू के दिन अधिक रहेंगे। हालांकि देश के कई ऐसे इलाके हैं,जहां इस मानसून के दौरान सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है और कुछ राज्यों में लू के दिन कम रहेंगे,लेकिन अधिकतर राज्यों में मानसून में सामान्य से कम बारिश होने और ज्यादा गर्मी होने की संभावना है।
आईएमडी ने बताया कैसा रहेगा जून महीना और मानसून सीजन
आईएमडी के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय महापात्र ने संभावना जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश भर में बारिश दीर्घकालिक औसत का 90 फीसदी होगी। इसमें 4 फीसदी एरर मार्जिन कम या ज्यादा हो सकता है। इसका मतलब है कि 2026 के मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की अधिक संभावना है।
देश के किस भाग में कैसा रहेगा मानसून
डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है,इस सीजन में होने वाली बारिश के 94 से 106 फीसदी के बीच रह सकती है।
जून 2026 का क्या है विशेष पूर्वानुमान
डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जून में देश भर में औसत वर्षा सामान्य से कम यानी मानसून सीजन में होने वाली बारिश के 92 फीसदी से कम रहने की संभावना है।इसमें उत्तर-पश्चिमी भारत,उत्तर-पूर्वी भारत,दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्से और मध्य भारत के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां वर्षा सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि अगर जून में अधिकतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश हिस्सों में यह सामान्य से अधिक रहेगा।हालांकि मध्य, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।वहीं जून में पूरे देश में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। केवल उत्तर-पश्चिमी भारत, मध्य भारत और उससे सटे दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जहां इसके सामान्य या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।
लू के दिनों को लेकर क्या है पूर्वानुमान
जून 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में लू के दिनों या अत्यधिक गर्मी के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।इन राज्यों में लू के दिन अधिक होंगे,इसमें उत्तर प्रदेश,हरियाणा,पंजाब,बिहार,ओडिशा,छत्तीसगढ़,गुजरात
और आंध्र प्रदेश है।इसके अलावा महाराष्ट्र,तेलंगाना,हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ विशेष क्षेत्रों में भी यही स्थिति रहेगी।
लू के दिन निम्न राज्यों में सामान्य से कम रहेंगे
राजस्थान और झारखंड