हर 4 दिन में एक ट्विशा दिल्ली में हो रही क्रूरता की शिकार, आखिर कब तक दहेज की बलि चढ़ती रहेंगी बेटियां


हर 4 दिन में एक ट्विशा दिल्ली में हो रही क्रूरता की शिकार, आखिर कब तक दहेज की बलि चढ़ती रहेंगी बेटियां

मनोज बिसारिया | 23 May 2026

 

नई दिल्ली।भोपाल का ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामला और दिल्ली एनसीआर में लगातार सामने आ रहे दहेज हत्या के मामले भारतीय समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घरेलू हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश कर रहे है।एनसीआरबी के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी दिल्ली में दहेज को लेकर 109 विवाहित महिलाओं की हत्या हुई। 2025 में अब तक 93 महिलाओं की जान गई।

बीते दिनों विनोद नगर में गीता की संदिग्ध मौत और ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर हत्या ने भी दहेज उत्पीड़न पर सवाल खड़े किए हैं।आंकड़े बताते हैं कि उत्तर भारत में ऐसे अपराध दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के मुकाबले अधिक हैं।केरल में 2024 में दहेज हत्या का सिर्फ एक मामला दर्ज हुआ,जबकि तमिलनाडु में 7 और महाराष्ट्र में 143 मामले सामने आए।मणिपुर,मिजोरम,नागालैंड और मेघालय में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।एनसीआरबी के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा दहेज हत्या वाले राज्यों में यूपी 2038 केस के साथ टॉप पर है।बिहार 1078, मध्य प्रदेश 450, राजस्थान 386 और पश्चिम बंगाल में 337 केस दर्ज हुए।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार धनंजय सिंह ने कहा कि दहेज के लिए लोगों की इच्छा बढ़ती जा रही है।समाज में दहेज बुराई के रूप में देखा जाना चाहिए,समाज उन्नत तो कर रहा है,लेकिन उसकी सोच उतनी एडवांस नहीं हुई है।समाज में ऐसे लोगों को खराब नजर से देखा जाना चाहिए।आखिर कब तक बेटियां दहेज के लिए बलि चढ़ती रहेंगी।धनंजय सिंह ने कहा कि जिन्हें दहेज में गाड़ी मिले,उस पर पिंक प्लेट लगाई जाए।


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