नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए खुशखबरी है।दिल्ली के विकास कार्यों को एक बड़ी आर्थिक मजबूती मिलने वाली है।रेखा गुप्ता सरकार को केंद्र से चालू वित्त वर्ष में 7,000 करोड़ रुपये का फंड जल्द मिल सकता है। इस वित्तीय सहायता से दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण सुधार परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।इस संभावित फंड का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली की सड़कों के आधुनिकरण के लिए खर्च किया जाएगा। केंद्र से मिलने वाली इस राशि से उन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी जो फंड की कमी के कारण लंबित थीं।
जानें कहां-कहां खर्च होगा फंड
बता दें कि इस फंड का इस्तेमाल खासकर सड़क,बुनियादी ढांचा और यमुना की सफाई में होगा।अधिकारियों के 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को विषशेषकर लोक निर्माण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की परियोजनाएं के लिए केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
रेखा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक
रेखा गुप्ता सरकार के आंकड़ों के मुताबिक यह अनुमान लगाया गया है कि केंद्रीय सड़क निधि से 591 करोड़ रुपये, स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के तहत 1,500 करोड़ रुपये और राजधानी दिल्ली में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र से 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा दिल्ली को केंद्र सरकार की योजनाओं को चलाने के लिए भी अलग से 3,931.16 करोड़ रुपये मिलेंगे।
7,000 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद
एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली कुल सहायता राशि 7,000 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद है। यह 2026-27 के संशोधित अनुमानों से लगभग 34 फीसदी ज्यादा है।संशोधित आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में केंद्र सरकार की ओर से उतनी मदद नहीं मिली थी,जितना बजट में अनुमान लगाया गया था,जो कि 56 फीसदी कम रही थी। खास बात यह है कि बड़े विकास कार्यों के लिए केंद्र से 6,000 करोड़ रुपये मिलने थे,लेकिन नए आंकड़ों के मुताबिक अभी तक इसमें से कोई भी पैसा नहीं मिला है।वहीं दिल्ली को 2025-26 में केंद्रीय सड़क कोष से 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी, जिसे संशोधित करके 212.43 करोड़ रुपये कर दिया गया था। हालांकि आंकड़ों से पता चलता है कि कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई।
रेखा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक...
रेखा गुप्ता सरकार के आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए दिल्ली को वित्त वर्ष 2025-26 में 4,127.82 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी,लेकिन इसे संशोधित करके 2,207.84 रुपये कर दिया गया था। हालांकि अंत में रेखा सरकार को सिर्फ 1,202 करोड़ रुपये ही मिल पाए, जो कि संशोधित राशि से 54.47 फीसदी कम था।