नई दिल्ली।मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए भीषण क्रूज हादसे में दिल्ली के एक परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।ये दिल्ली के मायापुरी इलाके के रहने वाले थे।क्रूज हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची तो घर में मातम छा गया था।शनिवार को जब तीनों के शव घर पहुंचे,तो कोहराम मच गया,पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।
जैसे ही एंबुलेंस से ताबूत उतारे गए तो रिश्तेदार और पड़ोसी भावुक हो उठे।बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे हुए थे,सभी की आंखें नम थीं और पूरा माहौल शोक में डूबा हुआ था।परिवार के लोग अपनों को खोने के गम में बेसुध नजर आए।तीनों शव को कुछ देर तक अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया,इसके बाद रीति-रिवाजों के साथ द्वारका में कब्रिस्तान ले जाया गया और उनका अंतिम संस्कार किया गया।इस दौरान लोग गहरे दुख में डूबे नजर आए।
जबलपुर क्रूज हादसे के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती,तब तक ऐसे हादसे रुकने की उम्मीद नहीं की जा सकती।एक वायरल तस्वीर का भी जिक्र किया जा रहा है,जिसमें मां और बेटे को एक ही लाइफ जैकेट में देखा गया था,जिसने लोगों के दर्द को और बढ़ा दिया।स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
बता दें कि गुरुवार शाम नर्मदा नदी के बैकवाटर क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया,तेज हवाओं के साथ पानी में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं और हालात और बिगड़ गए।डैम में जिस क्रूज पर लोग सवार थे, वह पहले से ही असंतुलित हो चुका था,इसके बावजूद उसे समय रहते किनारे लगाने की कोशिश नहीं की गई।इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।हादसे के बाद कई अहम सवाल उठने लगे हैं,क्या क्रूज पर यात्रियों की संख्या तय सीमा से अधिक थी,क्या उसमें सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद थे,क्या खराब मौसम के बावजूद क्रूज को नदी में उतारा गया था।
क्रूज पर सवार दिल्ली के प्रदीप कुमार ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।बरगी डैम के बैकवाटर में हुए इस हादसे ने न सिर्फ एक क्रूज को डुबो दिया,बल्कि कई परिवारों की खुशियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।