भाजपा का ईद मिलन समारोह,सपा की सेवई,यूपी में ये सियासी मिठास किसे आएगी ज्यादा रास


भाजपा का ईद मिलन समारोह,सपा की सेवई,यूपी में ये सियासी मिठास किसे आएगी ज्यादा रास

धनंजय सिंह | 03 Apr 2026

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होगा, लेकिन राजनीतिक दल अभी से अपनी कसरत शुरू कर दी है।यूपी के 20 फीसदी मुस्लिम वोटों के लिए भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी में शह-मात का खेल शुरू हो गया है। मुस्लिमों के सबसे बड़े त्योहार ईद मिलने के बहाने मुस्लिम वोटों के साधने की कवायद की जा रही है।

योगी सरकार में अल्पसंख्यक मंत्री दानिश आजाद ने ईद के दूसरे दिन बाद 23 मार्च को राजधानी लखनऊ में ईद स्नेह मिलन और सूफी शाम का आयोजन किया।इसके एक सप्ताह बाद लखनऊ में सपा के दफ्तर में होली-ईद मिलन का आयोजन किया गया,इसमें गीत-संगीत और कव्वाली का भी आयोजन किया गया।

भाजपा ने भव्य ईद मिलन के बहाने मुस्लिमों के दिल में जगह बनाने कवायद की तो सपा ने अपने इस कोर वोटबैंक को बचाए रखने के लिए होली-ईद मिलन सौहार्द्र समारोह का आयोजन कराया।इस कार्यक्रम को सपा के विधायक आशु मलिक द्वारा कराया गया था,लेकिन दानिश आजाद के ईद मिलने समारोह में जिस तरह भाजपा नेता जुटे थे, उसके आगे सपा का कार्यक्रम फीका रहा।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद पहली बार भाजपा के किसी नेता की तरफ से लखनऊ में ईद-मिलन समारोह का आयोजन किया गया था।सरकार के एकलौते मुस्लिम मंत्री दानिश आजाद अंसारी द्वारा कराए गए ईद मिलन में सूफी कव्वाली का भी आयोजन किया गया था। भाजपा ही नहीं बल्कि एनडीए गठबंधन के सहयोगी नेताओं ने भी शिरकत किया था।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक,स्वतंत्र देव सिंह,धर्मपाल सिंह सहित सूबे के 37 से 38 मंत्री पहुंचे ईद मिलन के कार्यक्रम में पहुंचे थे।इसके अलावा भाजपा संगठन के तमाम नेता भी ईद मिलने में पहुंचे थे।मुस्लिम उलेमाओं से लेकर यूपी के मशहूर दरगाह और खानकाह के अहम और जिम्मेदार लोग भी पहुंचे थे,इसमें देवा शरीफ,किछौछा शरीफ से जुड़े लोग भी थे।

अल्पसंख्यक मंत्री दानिश आजाद अंसारी की तरफ से रखे गए ईद मिलन को मुस्लिम समाज के साथ अपने रिश्ते की डोर को मजबूत करने का दांव माना जा रहा है। मुस्लिमों के बीच पहुंच बनाना एक सोची-समझी माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीति का हिस्सा है,ताकि सपा के पीडीए फॉर्मूले को काउंटर किया जा सके।

लखनऊ में मंत्री दानिश आजाद की तरफ से किए गए भव्य ईद मिलन समारोह में जिस तरह से भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने शिरकत किया,उससे साफ है कि भाजपा की नजर मुसलमानों के वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने की रणनीति है।

ईद मिलने समारोह में मुस्लिम और भाजपा नेताओं के बीच संवाद देखने को मिला,इसके जरिए मुस्लिमों के संदेह को दूर करने स्टैटेजी रही।यूपी में 2024 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों का बड़ा हिस्सा सपा के साथ गया था,जिसे भाजपा अब अपने साथ जोड़ने की कवायद में है।ईद मिलने कार्यक्रम समाज में एकजुटता और समरसता को और अधिक सशक्त बनाने की है।

भाजपा के ईद मिलन समारोह में जिस तरह से सरकार और संगठन के लोग शामिल हुए हैं,उससे साफ है कि सरकार मुस्लिमों को साथ लेकर चलना चाहती है।देश में अलग-अलग धर्म के लोग आपसी भाईचारे और अमन के साथ रहते हैं,जब एक दूसरे साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं तो हमारी आपसी रिश्ते भी मजबूत होते हैं।हिंदू-मुस्लिम मिलकर विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का काम कर रहे हैं और सरकार भी उनके विकास के लिए संजीदा है।

भाजपा के ईद मिलन समारोह के लगभग एक सप्ताह के बाद मंगलवार को सपा विधायक आशु मलिक ने लखनऊ में प्रदेश कार्यालय में होली-ईद मिलन समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत तमाम नेता मौजूद रहे,इसमें गीत-संगीत और कव्वाली का आयोजन किया गया।सपा की तरफ से सेवई और गुझियां रखी गई थी।

सपा के होली-ईद मिलने में अखिलेश यादव जरूर शामिल हुए थे,लेकिन सपा के मुस्लिम चेहरे नदारद रहे और बड़े मुस्लिम धर्म गुरु नजर नहीं आए।सपा की तरफ से सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक अताउर्रहमान,नवाब जान,यासमीन अंसारी और शाहिद मंजूर ही दिखे।सपा के ये नेता भी कुछ देर में ही निकल गए,इसकी एक बड़ी वजह आशु मलिक रहे,जिन्होंने सिर्फ सहारनपुर जिले के लोगों की भीड़ जुटा रखी थी, इस तरह भाजपा के ईद मिलने के आगे सपा का ईद मिलन फीका रहा।

सपा कार्यालय में हुए होली-ईद मिलन समारोह कार्यक्रम की तस्वीरों को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट की है।अखिलेश ने पोस्ट करते हुए लिखा कि हमने अपने होली-ईद मिलन का मीठा-सा नाम रखा गुझिया-सेंवई मिलन समारोह,क्योंकि कड़वाहट फैलाने वाले हुक्मरानों के इस दौर में हम चाहते हैं सबके मुंह मीठे रहे।होली मिलन समारोह महावीर जयंती के दिन यही हिंदुस्तान है,यही पीडीए का पैगाम है।

 सपा मुखिया अखिलेश यादव ईद मिलन के बहाने भाजपा पर तंज कसते नजर आए,लेकिन जिस तरह से भाजपा के कार्यक्रम मुस्लिमों उलेमाओं और दरगाह से जुड़े लोग नजर आए थे,वो सपा के कार्यक्रम में नहीं दिखे।इतना ही नहीं सपा ने ईद के साथ होली मिलन का कार्यक्रम रखा था, लेकिन सपा के मंच पर कोई हिंदू धर्म का संत नजर नहीं आया।

सपा के एक नेता ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि पार्टी के ईद मिलन समारोह को आशु मलिक ने पूरी तरह से हाईजेक कर रखा था।सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के घर पर इफ्तार पार्टी के दौरान ही आशु मलिक के ई-होली मिलन कराने की जिम्मेदारी थी,आशु मलिक ने पार्टी के कार्यक्रम को अपना निजी कार्यक्रम बना लिया।इस वजह से सपा के कई मुस्लिम नेताओं ने भी दूरी बना ली थी।आशु मलिक ने किसी मुस्लिम उलेमा को भी नहीं बुलाया था,इसीलिए कार्यक्रम फीका रहा।


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