नई दिल्ली।भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया।राणा 2013 से कोमा में थे और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे थे।
हरीश के असहनीय दर्द और शारीरिक अक्षमता के कारण माता-पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट में इच्छामृत्यु की अपील की, जिसे 8 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। लगभग आठ महीने बाद 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी।
जिसके बाद एम्स में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया।
31 वर्षीय हरीश राणा को 14 मार्च को गाजियाबाद उनके घर से दिल्ली के डॉ बीआर आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पेलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। इससे तीन दिन पहले 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में उन्हें निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी।सुप्रीम कोर्ट ने एम्स को निर्देश दिया था कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम को एक तय योजना के तहत हटाया जाए, ताकि मरीज की गरिमा बनी रहे।
हरीश राणा पंजाब विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र थे। 2013 में चौथी मंजिल से गिरने से सिर में गंभीर चोट आई थी,जिसके बाद से राणा लगातार कोमा में थे।इस दौरान उन्हें कृत्रिम न्यूट्रिशनल और बीच-बीच में ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता था।
दिल्ली एम्स की पूर्व ऑन्को-एनेस्थीसिया प्रमुख डॉक्टर सुषमा भटनागर ने बताया था कि इस प्रक्रिया में मरीज को दिए जाने वाले पोषण को धीरे-धीरे कम किया जाता है या बंद किया जाता है।साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि उसे किसी प्रकार का दर्द न हो,इसके लिए लगातार दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं, ताकि मरीज को आराम मिले और उसे किसी तरह की पीड़ा महसूस न हो।इस पूरी प्रक्रिया को लागू करने के लिए डॉक्टर सीमा मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गठित की गई थी। इस टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑन्को-एनेस्थीसिया,पेलिएटिव मेडिसिन और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे।भारत में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है,जिसने इच्छामृत्यु को लेकर एक नई मिसाल पेश की है।
बता दें कि एम्स ले जाने से पहले हरीश राणा के गाजियाबाद घर से एक भावुक दृश्य सामने आया था,जिसने लोगों को प्रभावित किया।वायरल हुए वीडियो में ब्रह्मा कुमार संस्था की एक महिला सदस्य उनके माथे पर तिलक लगाते हुए नजर आती हैं और बेहद शांत स्वर में उनसे कहती हैं कि सभी को क्षमा करते हुए और सबसे माफी मांगकर अब शांति से विश्राम करें।इस दृश्य ने देखने वालों की आंखें नम कर दी थीं।