नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़ी सियासी गूंज का केंद्र बनेगा।कल रविवार सुबह 11 बजे आम आदमी पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विशाल सभा को संबोधित करेंगे।यह सभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा,बल्कि उस फैसले के बाद जनता के बीच पहला बड़ा संदेश होगा,जिसमें राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल,मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
कोर्ट ने साफ कहा कि कोई व्यापक साजिश नहीं थी,कोई आपराधिक इरादा नहीं था और कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता।इतना ही नहीं जांच को पूर्व नियोजित और साजिशपूर्ण तक बताया गया।कोर्ट के इस फैसले ने आप और उसके समर्थकों में एक नई ऊर्जा भर दिया है।आप इसे सच्चाई और ईमानदारी की जीत बता रही है।
कोर्ट से बाहर निकलते हुए अरविंद केजरीवाल ने भावुक होकर कहा,मैं कट्टर ईमानदार हूं,मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है।यह बयान अब आप के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच एक विश्वास का प्रतीक बन गया है।आप का कहना है कि झूठे आरोपों के बावजूद केजरीवाल डटे रहे और आज पहले से ज्यादा मजबूत होकर सामने आए हैं।
आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रविवार की सभा ऐतिहासिक होगी। सौरभ ने बताया कि सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर पूरी राष्ट्रीय लीडरशिप मौजूद रहेगी,चाहे वह गुजरात,गोवा,पंजाब या दिल्ली के नेता हों। सौरभ ने भरोसा जताया कि इस सभा से जो आवाज उठेगी, वह पूरे देश तक पहुंचेगी।
आप का मानना है कि यह सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि नैतिक जीत भी है। समर्थकों के बीच यह भावना है कि ईमानदारी को दबाया नहीं जा सकता।दिल्ली में मुफ्त बिजली-पानी, बेहतर सरकारी स्कूल और मोहल्ला क्लिनिक जैसे कामों को लोग केजरीवाल की नीयत और सोच का उदाहरण मानते हैं।
अब सबकी नजरें जंतर-मंतर की सभा पर हैं,जहां अरविंद केजरीवाल अपनी बात देश के सामने रखेंगे।आप के कार्यकर्ता इसे नई शुरुआत मान रहे हैं। उनके मुताबिक यह रैली सिर्फ दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे देश में एक संदेश देने वाली होगी कि संघर्ष के बाद भी अगर कोई नेता मजबूती से खड़ा है, तो वह कट्टर ईमानदारी के भरोसे पर खड़ा है।
बता दें कि एक दिन पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई के दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लाई गई दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि यह नीति कुछ निजी शराब लाइसेंसधारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, जिसमें कथित तौर पर लाइसेंस शुल्क कम करना और लाभ मार्जिन तय करना शामिल था। इससे रिश्वतखोरी हुई और दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।