देहरादून।उत्तराखंड का पहला अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC) गुरुवार को उत्तरांचल विश्वविद्यालय में उद्घाटित किया गया।यह केंद्र अटल इनोवेशन मिशन (AIM) नीति आयोग भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है।यह एक प्रमुख पहल है,जिसका उद्देश्य देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है।एमआईएम का लक्ष्य विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए नए कार्यक्रम और नीतियां विकसित करना,विभिन्न हितधारकों के लिए मंच और सहयोग के अवसर प्रदान करना, और देश के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी के लिए एक छत्र संरचना तैयार करना है।
केंद्र का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उत्तरांचल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी,उपाध्यक्ष अंकिता जोशी,कुलपति प्रोफेसर धरम बुद्धि,निदेशक अनुसंधान एवं नवाचार प्रोफेसर राजेश सिंह,एआईएम के प्रोग्राम निदेशक प्रमित दाश और वितस्ता तिवारी उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड के वंचित समुदायों के लिए नवाचार और उद्यमिता की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि पहाड़ी क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे पास नवाचारी युवा मस्तिष्क हैं,जो नए विचारों और उत्पादों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
विवि के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र जोशी ने कहा कि यह केंद्र उत्तराखंड के युवाओं के लिए नवाचार,स्टार्टअप और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा।उन्होंने कहा कि एसीआईसी युवाओं को आवश्यक बुनियादी ढांचा,मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
अंकिता जोशी ने वंचित समुदायों के उत्थान पर जोर दिया और नए उद्यमियों को अवसर प्रदान करने के लिए एक सेतु बनने का वादा किया। प्रोफेसर धर्मबुद्धि ने विश्वविद्यालय में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर अपने विचार साझा किए और बताया कि विश्वविद्यालय में 21 स्टार्टअप हैं,जिनके उत्पाद सरकारी वित्तपोषित हैं,जो छात्रों और उनके विचारों के लिए विश्वविद्यालय की पहल को दर्शाता है।
प्रोग्राम निदेशक प्रमित दाश ने जोर दिया कि एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए प्रति व्यक्ति जीडीपी को बढ़ाना होगा और यह केवल बड़े पैमाने पर नवाचार के माध्यम से संभव है।
प्रोफेसर राजेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। एसीआईसी यूयू फाउंडेशन की सीईओ डॉक्टर अनीता गहलोत ने कार्यक्रम का संचालन किया।निदेशकगण,विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और एनजीओ और उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।